RBI Policy: जिद्दी महंगाई से मजबूर हुआ रिजर्व बैंक, Repo Rate 0.50% बढ़ा, EMI का बोझ और बढ़ेगा

RBI Policy: जिद्दी महंगाई से मजबूर हुआ रिजर्व बैंक, Repo Rate 0.50% बढ़ा, Home और Car Loan की EMI बढ़ेंगी
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Reserve bank

Highlights

  • रिजर्व बैंक ने करीब एक महीने में रेपो रेट में .90 फीसदी की बढ़ोत्तरी की है
  • रिजर्व बैंक के मुताबिक मौजूदा साल में महंगाई घटने की कोई संभावना नहीं है
  • बढ़ती ब्याज दरों का भारत की विकास दर पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा

RBI Policy: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने एक बार ​फिर रेपो रेट में 0.50 फीसदी की बड़ी बढ़ोत्तरी की है। इसके बाद रेपो रेट 4.90 फीसदी पर पहुंच गई है। बुधवार को खत्म हुई अपनी बाय-मंथली बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने भारत की मौजूदा आर्थिक स्थिति पर रिपोर्ट पेश की। उन्होंने बताया कि सप्लाई चेन प्रभावित होने और जरूरी सामान की आसमान छूती कीमत ने ब्याज दरों में बढ़ोत्तरी के लिए मजबूर किया है।  

आरबीआई ने पॉलिसी रेपो रेट को जहां 50 आधार अंक बढ़ाकर 4.90% कर दिया है, वहीं स्थायी जमा सुविधा (SDF) दर को 4.15% से बढ़ाकर 4.65% और मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी (MSF) रेट और बैंक रेट को 4.65% से बढ़ाकर 5.15% पर एडजस्ट किया है। 

बता दें कि पिछले महीने, 4 मई 2022 को, आरबीआई ने पॉलिसी रेपो रेट को 40 आधार अंक बढ़ाकर 4.40% करके सबको चौंका दिया था, जबकि स्थायी जमा सुविधा (SDF) दर को 4.15% और मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी (MSF) रेट और बैंक रेट को 4.65% पर एडजस्ट किया था।

महंगी होगी कार और होम लोन की EMI

रिजर्व बैंक ने इस बार रेपो रेट में 50 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी की है। रेपो रेट बढ़ने का सीधा सा मतलब है कि रिजर्व बैंक की तरफ से बैंकों को लोन महंगी दर पर मिलेगा। इस प्रकार बैंक भी इस बढ़ी लागत को ग्राहकों से वसूलेंगे जिससे कर्ज लेने की दरें महंगी हो जाएंगी। यदि आपने होम लोन ले रखा है तो उसकी ईएमआई में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। हालांकि, इससे उन लोगों को फायदा होगा जो बैंक एफडी कराते हैं, क्योंकि इससे एफडी की दरें भी बढ़ जाएंगी।

अगले तीन तिमाही में महंगाई दर 6% से ऊपर रहने की आशंका 

आरबीआई ने अपनी मौद्रिक पॉलिसी में अनुमान लगाया है कि अगल तीन तिमाही में महंगाई दर 6 फीसदी से ऊपर रहने की आशंका है। आरबीआई ने रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध से सप्लाई चेन प्रभावित होने के कारण महंगाई में उछाल आने की बात कही है। आरबीआई का कहना है कि एक्साइज ड्यूटी में कटौती से आसमान छूती महंगाई से राहत मिलेगी।

ग्रामीण मांग में धीरे-धीरे सुधार जारी 

भले ही महंगाई ने आरबीआई को ब्याज दर में बढ़ोतरी करने को मजबूर किया है लेकिन आरबीआई का मानना है कि इसका असर देश की जीडीपी ग्रोथ पर नहीं होगा। आरबीआई ने वित्त वर्ष 2023 के लिए जीडीपी ग्रोथ की दर को 7.2 फीसदी पर बरकरार रहा है। वहीं, आरबीआई ने कहा है कि एक बार फिर से ग्रामीण और शहरी मांग में सुधार देखने को मिल रहा है। यह भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए अच्छे संकेत हैं।

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