Rajya Sabha Election: 4 राज्यों की 16 सीटों के लिए वोटिंग आज, दिलचस्प मुकाबले के आसार

Rajya Sabha Election: 4 राज्यों की 16 सीटों के लिए वोटिंग आज, दिलचस्प मुकाबले के आसार
Spread the love
Image Source : PTI/FILE
Rajya Sabha

Highlights

  • राजस्थान- हरियाणा में निर्दलीय विधायकों ने बढ़ाई कांग्रेस की टेंशन
  • महाराष्ट्र में छह सीट के लिए सात उम्मीदवार मैदान में
  • कर्नाटक में चौथी सीट के लिए कांटे की टक्कर

Rajya Sabha Election: देश के चार राज्यों की 16 राज्यसभा (Rajya Sabha) सीटों के लिए आज वोट डाले जाएंगे। चुनाव के नतीजे आज देर शाम तक आ जाएंगे। राजस्थान, हरियाणा, महाराष्ट्र और कर्नाटक इन चारों राज्यों में दिलचस्प मुकाबले के आसार हैं। विधायकों की खरीद-फरोख्त की आशंकाओं के बीच विभिन्न राजनीतिक पार्टियों दलों ने अपने विधायकों को होटल और रिसॉर्ट में रखा हैं। वहीं चुनाव आयोग ने चुनाव पर नजर रखने के लिए विशेष पर्यवेक्षक नियुक्त किये हैं और पूरे मतदान की वीडियोग्राफी कराने का आदेश दिया है।

इन चुनावों में जिन उम्मीदवारों के चुनावी भाग्य का फैसला किया जाएगा, उनमें केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण और पीयूष गोयल, कांग्रेस के रणदीप सुरजेवाला, जयराम रमेश और मुकुल वासनिक तथा शिवसेना नेता संजय राउत प्रमुख हैं। इन सभी नेताओं के बिना किसी परेशानी के जीतने की उम्मीद है। 

महाराष्ट्र में छह सीट के लिए मतदान होना है। यहां छह सीट के लिए सात उम्मीदवार मैदान में हैं। सत्तारूढ़ एमवीए के सहयोगियों – शिवसेना, एनसीपी, कांग्रेस – ने अपने विधायकों को मुंबई के विभिन्न होटलों और रिसॉर्ट में रखा है।राकांपा प्रमुख शरद पवार, कांग्रेस महासचिव मल्लिकार्जुन खड़गे और भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अपनी रणनीति को अंतिम रूप देने के लिए मुंबई में अपने-अपने दलों के नेताओं के साथ बातचीत की। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, अनिल बोंडे, धनंजय महादिक (भाजपा), प्रफुल्ल पटेल (राकांपा), संजय राउत और संजय पवार (शिवसेना) और इमरान प्रतापगढ़ी (कांग्रेस) छह सीट के लिए चुनाव मैदान में हैं। छठी सीट पर मुकाबला महादिक और शिवसेना के पवार के बीच है। 

हरियाणा में दो सीटों के लिए मतदान

हरियाणा में दो सीट के लिए मतदान होगा और इस बीच सत्तारूढ़ भाजपा और उसके कुछ सहयोगी जजपा के विधायकों को दूसरे दिन चंडीगढ़ के पास एक रिसॉर्ट में रखा गया ।  90 सदस्यीय हरियाणा विधानसभा में 40 विधायकों वाली भाजपा के पास सीधी जीत के लिए जरूरी 31 प्रथम वरीयता के वोटों से नौ अधिक हैं, लेकिन मीडिया क्षेत्र से जुड़े कार्तिकेय शर्मा के मैदान में उतरने के साथ ही दूसरी सीट के लिए चुनाव दिलचस्प हो गया है। उन्हें भाजपा-जजपा गठबंधन, अधिकांश निर्दलीय और हरियाणा लोकहित पार्टी के एकमात्र विधायक गोपाल कांडा का समर्थन प्राप्त है। भाजपा ने पूर्व मंत्री कृष्ण लाल पंवार को मैदान में उतारा है, जबकि पूर्व केंद्रीय मंत्री अजय माकन कांग्रेस के उम्मीदवार हैं। राज्य विधानसभा में कांग्रेस के 31 सदस्य हैं, जो उसके उम्मीदवार को एक सीट जीतने में मदद करने के लिए पर्याप्त है। क्रॉस वोटिंग की स्थिति में इसकी संभावनाएं खतरे में पड़ सकती हैं।

कर्नाटक में चौथी सीट पर कांटे की टक्कर

कर्नाटक में मुख्य विपक्षी कांग्रेस और पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा की जद (एस) चौथी सीट पर चुनावी जंग लड़ रही है, लेकिन यदि उनमें से एक ने दूसरे का समर्थन किया तो एक की जीत सुनिश्चित हो सकती है। चार सीट के लिए कुल मिलाकर छह उम्मीदवार मैदान में हैं, जिससे चौथी के लिए कड़ी टक्कर नजर आ रही है। संख्या नहीं होने के बावजूद, भाजपा, कांग्रेस और जद (एस) ने इस सीट के लिए उम्मीदवार खड़े किए हैं, जिससे चुनाव के लिए मजबूर होना पड़ा है। एक उम्मीदवार को एक आसान जीत के लिए 45 प्रथम वरीयता वोटों की आवश्यकता होती है, और विधान सभा में अपनी ताकत के आधार पर, भाजपा दो और कांग्रेस एक सीट जीत सकती है। चुनाव मैदान में छह उम्मीदवारों में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, अभिनेता-नेता जग्गेश और भाजपा के निवर्तमान एमएलसी लहर सिंह सिरोया, पूर्व केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश और कांग्रेस के राज्य महासचिव मंसूर अली खान और जद (एस) के पूर्व सांसद डी कुपेंद्र रेड्डी हैं। 

राजस्थान में चार सीटों के लिए वोटिंग

राजस्थान में राज्यसभा की चार सीट के लिए मतदान होना है। कांग्रेस ने मुकुल वासनिक, रणदीप सुरजेवाला और प्रमोद तिवारी को मैदान में उतारा है, जबकि भाजपा ने पूर्व मंत्री घनश्याम तिवाड़ी को चुना है, जो पहले राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के मुखर आलोचक थे। कांग्रेस और भाजपा आराम से क्रमश: दो और एक सीट जीतेगी। मीडिया कारोबारी सुभाष चंद्रा ने भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर मैदान में उतरकर मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है। चंद्रा ने यह दावा करते हुए सत्तारूढ़ कांग्रेस की चिंता बढ़ा दी कि आठ विधायक उनके पक्ष में क्रॉस वोट करेंगे और उनकी जीत होगी। दो सौ-सदस्यीय राज्य विधानसभा में वर्तमान में कांग्रेस के 108 विधायक हैं और तीन सीट जीतने के लिए 123 मतों की जरूरत है। 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *