स्ट्रेस क्या है? क्यों होता है? और इससे कैसे बचें ?


स्ट्रेसमैनेजमेंट के लिए व्यक्तिबहुत तरीके उपाय अपनाताहै किंतु तनाव ऐसा है कि जानेका नाम नहीं लेता और अगर बीमारीकी दृष्टि से बोले तोस्ट्रेस इस कॉज  ऑफऑल डिज़ीज़। 

येबात  मॉडर्नसाइंस भी कहता हैतथा हमारे ऋषिमुनि भी यही कहतेहैं। यदि हम जीवन कीबात करें और इतिहास कीबात करें तो तनाव हमारेसंपूर्ण अस्तित्व को जहरीला करदेता है और बड़ेसे बड़ा योद्धा भी जब तनावग्रस्तहो जाता है तो वहपरास्त हो जाता है।तनाव बढ़ने से हमारा शरीरसे लेकर मन तक सबकुछ प्रभावित हो जाता है।

तनावएक रिस्क फैक्टर देखा गया है, तनाव एक आईडेंटिफाइड रिस्कफैक्टर है। तनाव ब्लड प्रेशर का कारण है, शुगर का कारण हैलाइफस्टाइलडिसऑर्डर का कारण है, इसके अलावा लोगों में आजकल जो हर्ट अटैकहो रहे हैं, ब्रेन अटैक हो रहे हैंइन सब के लिएभी तनाव को ही  कारण माना जा रहा है। 

स्ट्रेस क्या है?  क्यों होता है? और इससे कैसे बचें ?

कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी का कारण भीतनाव को ही मानाजा रहा है तनाव मानसिक शारीरिक बीमारियों का मुख्य कारणके रूप में उभर कर सामने रहा है।

लगभग 90 फ़ीसदी लोग ऐसे हैं जिन्होंने पिछले 1 वर्ष में तनाव को अनुभव कियाहै, लेकिन अच्छी बात यह है किउनमें से लगभग 90 फ़ीसदीलोग यह बताते हैंकि उनका तनाव ऐसा है कि वहउससे आसानी से ओवर कमकर लेते हैं, लेकिन जो 10 फ़ीसदी लोग हैं वह ओवर कमनहीं कर पा रहेहैं और उनमें ज्यादातरलोग तनाव की वजह सेकई बीमारियों की चपेट में जाते हैं।

7% लोगोंमें इनसाइटी देखा गया, 10% लोगों में डिप्रेशन देखा गया, इसके अलावा सोशल मीडिया डिसऑर्डर देखा गया, व्यसन देखा गया इन लोगों मेंअल्कोहल, तंबाकू, गांजा, अफीम, सिगरेट आदि इन सब कीलत लग जाती है।तो जो लोग तनावको ओवर कम  नहींकर पा रहे हैंवह लोग अक्सर इधरउधर गलत राह में भटक जाते हैं, और फिर उससे बाहर नहीं निकल पाते। और इसमें 75 वर्षकी उम्र तक के हरवर्ग के लोग मिलतेहैं।

कुछलोगों में आर्थिक समस्या तनाव का कारण पायागया, महिलाओं में परिवार को लेकर काफीतनाव होता है, बच्चों में तनाव का मुख्य कारणपढ़ाई हो सकता है, तो इस तरीके काकोई खास भेदभाव नहीं है कि किसमें क्या मिला जो लोग अपनेरोजमर्रा के कार्यों सेखुश हैं, जो अपने कामको एंजॉय करते हैं उनमें तनाव कम देखा गयाहै। तो इस रिपोर्टसे हम यह समझसकते हैं कि हमें अपनेरोज़मर्रा के काम कोएंजॉय करना चाहिए। 

आप चाहे विद्यार्थीहैं, प्रोफेसनिस्ट हैं, ऑफिसर हैं या पॉलिटिशियन हैसबकी अपनीअपनी दिनचर्या जिम्मेदारियां होतीहै।  

अपने अपने परिवार के लिए एवंसमाज देश केप्रति हमें वह सब करनाहै, किंतु उसको समस्या या भार समझतेहुए करने के बजाय आपउस कार्य को, उस क्रिया कोएंजॉय करते हुए करें। तो आप तनावरहित हो सकते हैं।अधिकतर देखा गया है या कहेंकि मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार वेलोग ज़्यादा तनावग्रस्त रहते हैं जो अपना अधिकतमसमय सोशल मीडिया में लगाते हैं या यूं कहेंकि अपना अधिकतर समय व्यर्थ करते हैं।

तनाव ग्रसित होने के कारण

(1) दिनचर्याका बिगड़ना।

(2) आत्मविश्वासका कम होना।

(3) उचितमेहनत ना कर पाना।

(4) कामका बिगड़ना।

(5)  हीन भावना होना।

(6) आपकीहाइट, पर्सनैलिटी या रंग रूपसे आपका खुश होना।

(7)  गलत निर्णय के कारण सेकई बार तनावग्रस्त हो सकते हैं

(8) घरमें बड़ों के द्वारा डांटेजाने पर या ऑफिसमें बॉस या स्कूलकॉलेजमें अध्यापक द्वारा डांटे जाने पर भी आपतनाव ग्रसित हो सकते हैं।

(9) कईबार आपकी क्षमता से ज़्यादा आपकोकाम दे दिया जाताहै उससे भी तनाव होजाता है।

(10)  प्रतिकूल परिणाम आना भी कई बारतनाव होने का कारण बनसकता है।

आईए अब हम यहजान लेते हैं कि अक्सर लोगतनाव से बचने केलिए किनकिन उपाय का अनुसरण करतेहैं।

 तनावसे बचने के लिए लोगकई प्रकार के तरीके अपनातेहैं जैसे

 (1) कुछलोग तनाव से बचने केलिए म्यूजिक एंजॉय करते हैं।

 (2) कुछलोग तनाव से बचने केलिए होलीडेज लेकर घूमने के लिए जातेहैं।

 (3) कुछलोग तनाव से बचने केलिए सेवा दान कियाकरते हैं।

 (4) कुछलोग तनाव से बचने केलिए व्यसनों का इस्तेमाल करतेहैं, जैसे शराब, ड्रग्स आदि।

 (5) कुछलोग तनाव से बचने केलिए पार्टीज करते हैं या क्लब्स मेंजाते हैं।

इनसब क्रियाओं तरीकों केअनुसरण से हमें तनावसे क्षणिक मुक्ति मिल सकती है किंतु सदातनाव रहीत रहने के लिए आवश्यकहै कि हमें अपनेकाम को एवं दिनचर्याको एंजॉय करना चाहिए।

 (1) हमेंतनाव से बचने याइसके रिस्क को कम करनेके लिए आवश्यक है कि हमअपने लाइफ़स्टाइल मोडिफिकेशन करें।

 (2) समयपर उचित एवं संतुलित आहार लें।

 (3) समयसे सोएं तथा समय से जगें तथापूर्ण नींद लें।

 (4) प्रातःकालिक सूर्य की रोशनी मेंवाकिंग या व्यायाम कमसे कम एक घंटाअवश्य करें योग एवं प्राणायाम भी करें।

 

हमेंतनाव हो इसकापूर्णतः ध्यान रखना है क्योंकि अबहम समझ ही गए हैंकि अनेक छोटी बड़ी बीमारियोंका मुख्य कारण डॉक्टर एवं वैज्ञानिक तनाव को ही मानरहे हैं। यदि हम तनाव सेदूर रहें या इसके रिस्कको कम करने मेंसफल रहें तो हम यहअपेक्षा कर सकते हैंकि हम कैंसर जैसीभयानक गंभीर बीमारी, हर्टअटैक जैसी गंभीर बीमारी, ब्रेनहेमरेज या ब्रेनअटैकजैसी जानलेवा बीमारियों से स्वयं कोबचा सकते हैं।

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