सोवियत संघ के अमेरिका विरोधी प्रचार ने शीत युद्ध को भड़काने में अहम भूमिका क्या है ?

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सोवियत संघ के अमेरिका विरोधी प्रचार ने शीत युद्ध को भड़काने में अहम भूमिका का निर्वहन किया था’ संक्षेप में स्पष्ट कीजिए।

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सोवियत संघ के अमेरिका विरोधी प्रचार ने शीत युद्ध को भड़काने में अहम भूमिका

सोवियत संघ के शासकीय प्रचार माध्यमों ने अमेरिका के खिलाफ प्रचार किया उन्होंने अमेरिका नीतियाँ की खुलकर आलोचना की थी संयुक्त राष्ट्र संघ में सोवियत प्रतिनिधि विशिन्सकी ने संयुक्त राज्य अमेरिका की निन्दा करते हुए कहा था कि “कुछ देशों, जिनमें अमेरिका प्रमुख है,

की युद्धप्रियता तथा विस्तारवादी नीतियों से जो युद्ध की मनोवृत्ति पैदा हुई है, वह लगातार विस्तृत होती जा रही है।” इसी प्रकार सोवियत समाचार पत्र ‘तास’ एवं ‘इजावेस्तिया’ ने अमेरिका के खिलाफ जहर उगलने में कोई कोर कसर बाकी नहीं छोड़ी थी।

शीतयुद्ध की समाप्ति की घोषणा किसने औरकेबकी थी? गुट निरपेक्ष राष्ट्रों की दो पहचान लिखिए।

5 -6 जुलाई, 1990 के लन्दन में दो दिवसीय नाटों शिखर सम्मेलन में अमेरिकी राष्ट्रपति बुश ने शीत युद्ध की समाप्ति की घोषणा की थी।

गुट-निरपेक्ष राष्ट्रों की दो पहचान निम्न हैं

(1) गुट-निरपेक्ष राष्ट्र शान्तिपूर्ण सहअस्तित्व पर आधारित एक स्वतंत्र विदेश नीति का अनुसरण करते हुए किसी भी शक्ति खेमे में जुड़ा नहीं होता है। ।

(2) गुट-निरपेक्ष राष्ट्र की दूसरी पहचान यह है कि वह सदैव राष्टीय स्वतंत्रता आन्दोलनों का समर्थन करता है।

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