बैक पेन की वजह से चलना-फिरना मुश्किल हो गया है? जानें ये जरूरी बातें

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Types of Back Pain: बैक पेन में कमर का दर्द, कमर के निचले हिस्से का दर्द और पीठ का दर्द तीनों शामिल होते हैं. हालांकि बैक के हर हिस्से में दर्द की वजह एक समान नहीं होती है. पीठ और कमर के जिस हिस्से में दर्द हो रहा होता है, वहां दर्द के संभावित कारणों की जांच करने के बाद ही आपके डॉक्टर इस बारे में सही तरीके से बता पाते हैं कि आखिर इस दर्द का कारण क्या है. अगर आपको अपने दर्द का कारण पता है, तब आपको बैक पेन के बारे में दो बातें जरूर पता होनी चाहिए.

बैक पेन मुख्य रूप से दो तरह का होता है, पहला स्पेसिफिक और दूसरा नॉन-स्पेसिफिक. यानी पहले दर्द में दर्द की वजह कोई खास स्थिति होती है. जैसे, कोई गंभीर चोट लगना, स्पाइन में डैमेज होना, मसल्स को अधिक क्षति पहुंचना. जबकि दूसरे तरह के दर्द में दर्द की सही और साफ वजह मालूम नहीं होती है. इसके बारे में डॉक्टर चेकअप और जरूरी होने पर कुछ जांच कराने के बाद ही बता पाते हैं. क्योंकि यह दर्द हर्निया के कारण भी हो सकता है, किसी ट्यूमर की वजह से भी और अंदरूनी सूजन के बढ़ जाने की वजह से भी. या फिर ओस्टियोऑर्थराइटिस भी इसकी वजह हो सकता है.

इस वजह से न करें बैक पेन को अनदेखा

ज्यादातर लोगों में दूसरी तरह का बैक पेन होता है. यानी इसके नॉन स्पेसिफिक, जिसके कारण नहीं पता होते. इसलिए कहा जा रहा है कि बैक पेन को आप जितना अनदेखा करेंगे आपकी समस्या उतनी गंभीर होती चली जाएगी. यहां दूसरे प्रकार के दर्द के जितने भी संभावित कारण बताए गए हैं, वे समय के साथ और अधिक गंभीर होते जाते हैं. इसलिए बैक पेन की वजह अगर आपको पता ना हो तो डॉक्टर के पास जाने में देर ना करें. ताकि समस्या का समय पर पता लगाकर जल्द इलाज शुरू किया जा सके.

नॉन स्पेसिफिक लोअर बैक पेन के संभावित कारण

जब कमर के निचले हिस्से में दर्द रहने लगता है लेकिन दर्द की कोई साफ-साफ वजह समझ ना आए तो सबसे पहले आप इन कारणों पर गौर करें. कहीं आपके दर्द की वजह इनमें से कोई समस्या तो नहीं…

  • बैठने का गलत तरीका
  • रोज-रोज लंबी दूरी तक ड्राइव करना
  • कमर से जुड़ी एक्सर्साइज बार-बार करना और लंबे समय तक करना.
  • प्रेग्नेंसी के कारण
  • आपका वजन बहुत अधिक बढ़ जाना.
  • तनाव में रहना
  • किसी थेरपी के कारण

जैसे ही आपको अपने दर्द की वजह पता चल जाती है, ये स्पेसिफिक कैटिगरी में आ जाता है और आपके डॉक्टर समस्या के अनुसार आपको दवाएं देते हैं, एक्सर्साइज बताते हैं और पोश्चर या मूवमेंट से जुड़ी जानकारी देते हैं. इन सभी से आपका दर्द पूरी तरह ठीक हो जाता है.

Disclaimer: इस आर्टिकल में बताई विधि, तरीक़ों व दावों को केवल सुझाव के रूप में लें, एबीपी न्यूज़ इनकी पुष्टि नहीं करता है. इस तरह के किसी भी उपचार/दवा/डाइट पर अमल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.

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