किडनी क्या है? किडनी को स्वस्थ रखने के लिए कौन-कौन सी बुरी आदतों में सुधार की आवश्यकता है?

किडनीक्या है?  किडनीके फंक्शंस क्याक्या हैं? किडनी को स्वस्थ रखनेके लिए कौनकौन सी बुरी आदतोंमें सुधार की आवश्यकता है?

 जबतक हमारे हाथ से कोई अच्छीचीज़ निकल नहीं जाती तब तक हमेंउस चीज़ की कद्र काख्याल नहीं आता, ठीक ऐसा ही उनके साथभी होता है जिन्हें किडनीसे संबंधित परेशानी रहती है या किडनीसे संबंधित कोई बीमारी है। क्योंकि किडनी के संदर्भ मेंएक विशेष बात यह है किजब किडनी 60% तक खराब होजाती है तब तकहमें किसी प्रकार के कोई बड़ेसंकेत नहीं मिलते हैं, हालांकि हमारे खून और पेशाब केमाध्यम से हमें कभीकभी संकेत मिलते रहते हैं किंतु ज्ञान के अभाव मेंहम उन संकेतों कोसीरियसली नहीं लेते हैं। और जब तककोई बड़ा संकेत हमें मिलता है या कोईबीमारी हो जाती हैतब हम डॉक्टर केपास जाते हैं तो टेस्ट केद्वारा पता लगता है कि हमारीकिडनी 50 से 60% खराब हो चुकी है। 

हालांकि हमारे शरीर में 2 किडनियां होती है, इनमें से अगर एकखराब हो भी जातीहै तो एक किडनीसे हम जिंदा रहसकते हैं किंतु उसके बाद हमें और भी बहुतसारी सावधानियां रखनी होती हैं, इसीलिए ज़रूरी यह है किसमयसमय पर मेडिकल टेस्टकरवाते रहें, या किडनी कोस्वस्थ एवं सुरक्षित रखने संबंधी जो ध्यान रखनेयोग्य बातें हैं उनका अनुसरण करते रहें।

तो क्या आपजानते हैं कि हमारी किडनीहमारे लिए क्या क्या करती है? आइए जानते हैं

(1) हमारे शरीर से एक्स्ट्रा लिक्विडनिकालना / Filter, Detox Our Body.

 हमारीकिडनी एक फिल्टर कीतरह काम करती है जो हमारेशरीर की गंदगी शरीरसे बाहर निकालती है, हर रोज़ हमारीकिडनी खून फिल्टर करके यूरिया बनाती है और इसयूरिन में हमारे शरीर के बेकार औरज़हरीले पदार्थ होते हैं जो हमारे शरीरसे बाहर निकाल दिए जाते हैं ताकि हमारे शरीर में गंदगी इकट्ठा ना हो औरशरीर स्वस्थ बना रहे। इस प्रकार सेकिडनी हमारे पूरे शरीर को पूरी तरहसे डिटॉक्स करती रहती है।

(2) रक्त प्रवाह को संतुलित रखना/ Controlling Blood Pressure.

ज़्यादातरलोग ब्लड प्रेशर को दिल सेजोड़ते हैं पर असल मेंकिडनी हमारे ब्लड प्रेशर को हाई यालो करने में बहुत मदद करती है। हमारी किडनी को काम करनेके लिए खून एक पर्टिकुलर प्रेशरमें चाहिए होता है, अगर किडनी को प्रेशर कमलग रहा हो तो हाईप्रेशर की डिमांड करतीहै और अगर हाईलग रहा हो तो लोप्रेशर की डिमांड करतीहै।

किडनी में एक ऐसा हार्मोनपैदा करने की शक्ति होतीहै जो हमारी खूनकी नाड़ियों  कोफ़ैला सिकोड़ सकताहै और इसी कीमदद से किडनी ब्लडप्रेशर को कंट्रोल करतीहै।

(3) रेड ब्लड सेल्स बनाना/ Making Red Blood Cells.

रेडब्लड सेल हमारे खून का वह हिस्साहोता है जो हमारेशरीर में ऑक्सीजन की मात्रा कोफैलाता है इस रेडब्लड सेल से हमारे शरीरमें दिनप्रतिदिन काम करने की शक्ति आतीहै, और इसी सेहमें शारीरिक रोगों से लड़ने कीक्षमता मिलती है। 

हमारी किडनी एक और तरीकेका हार्मोन बनाती है जो हमारीबोर्न मेरो को रेड ब्लडसेल्स बनाने का संदेश देताहै और फिर यहीरेड ब्लड सेल हमारे खून में मिलकर अपना काम शुरू कर देता है।

 (4) हमारी हड्डियों का ख्याल रखना/ Helping Our Bones.

अबआप सोच रहे होंगे कि आप तोकैल्शियम से बनी चीजेंखाकर ही अपनी हड्डियोंको मजबूत कर लेते हैंलेकिन क्या आप जानते हैं? किडनी हमारे शरीर में विटामिन डी बनाने काकाम भी करती है, वैसे तो हमारी त्वचासूर्य की रोशनी काइस्तेमाल करके हमारे शरीर में विटामिन डी बनाती हैपर यदि ऐसा ना होता होतो यह काम पहलेलिवर और फिर किडनीके ऊपर जाता हैविटामिन डी ही हड्डियोंको कैल्शियम एंड फास्फोरस सोखने में मदद करता है और इन्हींसे हमारी हड्डियां स्ट्रांग बनती है यही कारणहै कि किडनी कीबीमारियों में हड्डियां भी कमजोर होनेलगती है।

 (5) हमारे शरीर में एसिड लेवल को संतुलित रखना/ Maintaining Acid Level.

हमारेशरीर को सही मात्रामें एसिड की जरूरत पड़तीहै, अगर यह बढ़ जाएतो भी दिक्कत औरअगर इसकी कमी हो जाए तोभी प्रॉब्लम जाती है, हम जिस तरीके का खाना खातेहैं उसी पर यह निर्भरकरता है कि हमारेशरीर में एसिड लेवल बढ़ेगा या कम होगाकिडनी हमारे शरीर का एक्स्ट्रा एसिडनिकाल कर या फिरएडजेस्ट करके हमारे शरीर का एसिड लेवलनॉरमल रखती है।

 तोदेखा आपने इतनी छोटी किडनी और इतने बड़ेबड़े काम करती है, फिर भी आप इसकीसुरक्षा और सेहत काख्याल नहीं रखते हैं।

किडनीहमारे शरीर का एक महत्वपूर्णअंग है, यह एक हार्डवर्किंगअंग है क्योंकि किडनीहर क्षण अपना फंक्शन करती रहती है। किडनी हमारी बॉडी को पूरी तरहसे डिटॉक्स करती है, और ऐसी कोईभी चीज़ जो किसी भीचीज़ को फिल्टर करनेका काम करती है, कभी ना कभी उसचीज़ में भी वेस्ट मटेरियलइकट्ठा होने लगता है तो इसीलिएज़रूरी यह है किहम उस चीज़ काभी ख्याल रखें जो हमारे पूरेशरीर का ख्याल रखतीहै क्योंकि अगर हम ऐसा नहींकरते तो एक समयऐसा आएगा जब हमारी किडनीमें इतना कचरा जमा हो जाएगा कियह ऑर्गन अपना काम करना बंद कर देगा याइसके फंक्शन परफॉर्मेंस में कमी जाएगी औरकिडनी हमारे शरीर का बहुत हीमहत्वपूर्ण अंग है।  

कहाजाता है कि हमारीप्राण ऊर्जा भी किडनी केमाध्यम से ही हमेंप्राप्त होती है और यदिकिडनी में किसी भी प्रकार कीखराबी हो जाती हैतो हमारे शरीर में सैकड़ों बीमारियां होने लगती है।

 तो आइए जानतेहैं कि यह कौनकौन सी बुरी आदतेंहैं जो  हमारीकिडनी को खराब करतीहैं? और हम इनआदतों में  सुधारकरके अपनी किडनी को किस प्रकारसे सुरक्षित स्वस्थ रखसकते हैं?

(1) पानी का कम पीना/ Intake Less Water.

 हमारीकिडनी को बॉडी मेंसे वेस्ट मटेरियल निकालने के लिए पानीकी ज़रूरत होती है, जब बॉडी मेंपानी कम हो जाताहै तो किडनी यूरीनफॉरमेशन बंद कर देती है, किंतु बॉडी में वेस्ट मटेरियल बनना बंद नहीं होता है, इसलिए किडनी और ब्लैडर केअंदर वेस्ट मटेरियल इकट्ठा होने लगता है अगर ऐसाबहुत कभीकभी होता है तो किडनीएडजस्ट कर लेती है, किंतु अगर ऐसा अक्सर होता रहेगा तो किडनी परइसका दुष्प्रभाव देखने को मिलता हैइस कारण से बॉडी मेंबीपी हाई होने लगता है और बीपीहाई होने से किडनी परबहुत बुरा प्रभाव पड़ता है एंड किडनीकी वर्क परफॉर्मेंस लो होने लगतीहै। जो कि हमारेशरीर के स्वास्थ्य केलिए बहुत ही खतरनाक है।

(2) बहुत अधिक मात्रा में पानी पीना/ Intake Excess Of Water.

 बहुतसे लोग कहीं से सुन यापढ़ लेते हैं कि यदि हमअधिक पानी पिएंगे तो हमारी बॉडीमें से वेस्ट मटेरियलबहुत जल्दी बाहर निकलेगा और हम स्वस्थरह पाएंगे, किंतु यह सोचना सहीनहीं है ऐसा सोचनेवाले लोग दिन में 10 से 15 लीटर पानी पीने लगते हैं लेकिन ऐसा करने से हमारी किडनीपर बहुत ज़ोर पड़ने लगता है क्योंकि जोकिडनी 4 से 5 लीटर पानी प्रतिदिन फिल्टर करने के लिए बनीहै उसको अगर 10 से 15 लीटर पानी फिल्टर करना पड़ेगा। अगर ऐसा कभीकभी है तो वहचल जाता है लेकिन अगरऐसी आप की आदतबन जाए इतना पानी पीने की तो किडनीपर लॉन्ग टर्म में बहुत ही बुरा असरपड़ेगा और किडनी कोउसकी क्षमता से कई गुनाअधिक काम करने की वजह सेकिडनी का डैमेज होनाऔर वर्क परफॉर्मेंस का लो होनालाज़मी है।

(3) मूत्र वेग को रोकना/ Holding Urine.

 कभीकभी हम ऐसी परिस्थितिमें होते हैं जब हम समयपर यूरिन पास नहीं कर पाते औरऐसे में हमारा यूरिन ब्लैडर ओवर फुल हो जाता है, जो कि वेस्ट मटेरियलसे भरा हुआ है, ब्लैडर के ओवरफुल होनेके बाद किडनी पर इसका लोडबढ़ने लगता है और इसकेदुष्परिणाम के स्वरूप किडनीडैमेज होने लगती है और किडनीकी वर्क परफॉर्मेंस लो होने लगतीहै इसीलिए किडनी को सुरक्षित एवंस्वस्थ रखने के लिए यहज़रूरी है कि हमसमयसमय पर यूरिन कोपास करते रहें अन्यथा किडनी द्वारा बनाया गया यूरिया दोबारा से अमोनिया बनजाएगा जो कि शरीरके लिए बेहद खतरनाक है।

(4) नमक का अधिक सेवनकरना/ Excess of Sodium In the Body.

 यदिहम तीखे मसाले, आचार, चटनी इत्यादि के शौकीन हैंऔर बहुत अधिक मात्रा में नमक युक्त चीज़ों का सेवन करतेहैं या इनका सेवनकरना आपकी आदत बन चुकी हैतो आपको इस आदत कोबदलने की ज़रूरत हैक्योंकि यह किडनी कीपरफॉर्मेंस को कम करताहै, क्योंकि शरीर में सोडियम की मात्रा ज़्यादाहोने से शरीर काबीपी हाई रहता है बी पीको मेंटेन करने के लिए किडनीको फंक्शन करना पड़ता है इस प्रकारसे किडनी पर डबल लोडपड़ने लगता है। ऐसा होना किडनी के स्वास्थ्य केलिए अच्छा नहीं है।

(5) पेनकिलर या दवाओं काअधिक सेवन करना/ Excess Intake Of NSAID.

 Non Steroidal Anti- Inflammatory Drugs. कई बार हमेंआदत बन जाती हैकि शरीर के किसी भीहिस्से में थोड़ा सा भी दर्दहोता है तो हमपेन किलर ले लेते हैंपेन किलर लेने से हमें इंसटैंटलीआराम तो मिल जाताहै लेकिन इसके बहुत से दुष्प्रभाव होतेहैं क्योंकि हम जिस दर्दको दूर करने के लिए पेनकिलर ले रहे हैंउस पेन को दूर करनेके लिए कितनी मात्रा में दवाई लेना आवश्यक है यह हमको नहीं पता होता और हम उसकी अधिक मात्रा सेवन कर लेते हैंजो कि सीधा हमारेकिडनी पर असर करताहै क्योंकि वह शरीर केलिए वेस्ट मटेरियल है और उसको शरीर से बाहर निकालनेका कार्य किडनी का है तोकिडनी सोचती है कि इसको जल्द से जल्द बॉडीसे बाहर निकालना है और इसीजद्दोजहद में किडनी अपना फंक्शन फास्ट करती है और ऐसाअक्सर होने लगना किडनी की सेहत केलिए और आपके शरीरकी सेहत के लिए बहुतही ज़्यादा खतरनाक होता है।

(6) कैफीन का अधिक मात्रामें सेवन करना/ Too much intake of Caffeine.

 अगरआप बहुत अधिक मात्रा में कॉफी का सेवन करतेहैं या फिर किसीभी कैफीन युक्त पदार्थ का सेवन करतेहैं तो यह आपकेस्वास्थ्य के लिए बहुतज़्यादा हानिकारक है, क्योंकि कैफिन हमारे ब्लड में घुलता है और ब्लडको प्यूरिफाई करने का काम किडनीका है तो अल्टीमेटलीइसका असर सीधा किडनी पर पड़ता हैइसीलिए आप दिन मेंएक से दो कपतक कॉफी ले सकते हैंकिंतु कुछ लोग दिन में 7 आठ या 10 कपतक कॉफी पीते हैं या फिर रातको पढ़ते या काम करतेसमय पी लेते हैंतो ऐसा करना किडनी के स्वास्थ्य केलिए हानिकारक है।

(7) निकोटिन का सेवन करना/ Intake of nicotine.

 निकोटिनकोई भी व्यक्ति कईंतरीके से लेता हैजैसे तंबाकू, गुटखा, बीड़ी, सिगरेट आदि के रूप मेंकिंतु निकोटिन बीपी हाई करने के लिए एकबहुत बड़ा फैक्टर है, निकोटिन की कम सेकम मात्रा भी हमारे दिल, फेफड़े, और किडनी केलिए बहुत ही नुकसानदेह होतीहै किंतु हम लोग क्षणिकआनंद के लिए इसकासेवन करते हैं और कुछ लोगतो बहुत अधिक मात्रा में निकोटिन का सेवन करतेहैं, निकोटीन के सेवन सेकिडनी का स्वास्थ्य सुरक्षितरह पाना काफी मुश्किल है इसलिए यदिआप अपनी किडनी को स्वस्थ एवंसुरक्षित रखना चाहते हैं तो निकोटिन कासेवन बंद कर दें।

(8) अल्कोहल का सेवन करना/ Intake of alcohol.

 अल्कोहलएक ऐसा पदार्थ है जिसकी शरीरको जरूरत नहीं होती है, इसलिए दिमाग किडनी को यह मैसेजदेता है कि इसपदार्थ को जल्द सेजल्द शरीर से बाहर निकाले, इसीलिए किडनी काफी एक्टिव होकर अल्कोहल को बॉडी सेबाहर निकलने का कार्य करतीहै और क्योंकि अल्कोहलहमारे पेट में ना जाकर खूनके माध्यम से हमारी नसोंमें प्रवाह करता है इसलिए किडनीके लिए और मुश्किल होजाता है अल्कोहल कोब्लड से अलग करना, जिस कारण से किडनी परबहुत ही ज्यादा लोड जाता है।   औरअक्सर यह भी देखाजाता है कि अल्कोहललेने के बाद लोगअपनी डाइट से अधिक खालेते हैं तो ऐसा होनेसे  किडनीके ऊपर डबल लोड हो जाता है, जो कि किडनी डिस्फंक्शनका कारण बन सकता हैइसीलिए अगर आप क्षणिक आनंदके लिए अल्कोहल का सेवन करनाभी चाहते हैं तो इसके हल्केस्वरूप का सेवन करसकते हैं जैसे बियर या वाइन इत्यादि, पर कुछ लोग बहुत हार्ड अल्कोहल का सेवन करलेते हैं और अधिक मात्रामें, ऐसा करना बहुत ही खतरनाक साबितहो सकता है आपके शरीरऔर किडनी के लिए। 

(9) ज़रूरत से ज़्यादा प्रोटीनका सेवन करना/ Intake Exces Of Protein.

 हमारेशरीर को प्रोटीन कीबहुत ज़रूरत होती है और प्रोटीनही हमारे शरीर के सभी फंक्शनके लिए आवश्यक है किंतु कहतेहैं कि एक्सेस ऑफएवरी थिंग इज़ बैड, इसीलिए प्रोटीन का भी ज़रूरतसे ज़्यादा सेवन करना हमारे किडनी और लीवर केलिए हानिकारक होता है क्योंकि प्रोटीनको पचाने के लिए हमारीबॉडी का फिजिकली एक्टिवहोना बहुत ज़रूरी है और यदिहम फिजिकल एक्टिविटी कम करते हैंऔर प्रोटीन का सेवन अधिककरते हैं तो यह हमारेलिए बहुत खतरनाक साबित हो सकता है, और हमें इस बात काअवश्य ध्यान रखना चाहिए कि हमें रातको प्रोटीन युक्त भोजन नहीं लेना चाहिए क्योंकि रात को हमें फिजिकलएक्टिविटी नहीं करनी होती है इसलिए रातको हल्का भोजन ही सेवन करें।

(10) शुगरको मैंनेज रखना/ Disturbance in Blood Pressure.

 कुछलोगों को हाई औरलो बीपी की बहुत समस्याहोती है और डॉक्टरसे उनकी दवा या इलाज़ चलरहा होता है किंतु वेलोग इस चीज़ कोसीरियस नहीं लेते हैं और दवा कोसमय पर नहीं लेतेहैं और कभीकभीक्या होता है कि दवालेने के बाद वहलोग अपना बीपी चेक करते हैं तो उनको लगताहै कि बीपी हमारानॉर्मल है जबकि ऐसानहीं होता है तो यदिवे समय से दवा नहींलेंगे तो उनके बीपीको मैनेज करने का पूरा ज़ोरकिडनी पर पड़ेगा क्योंकिकिडनी भी बीपी कोमैनेज करती है लेकिन कभीकभी किसी भी कारणवश बीपीकम या ज़्यादा होतो किडनी उसको मैनेज आसानी से कर पातीहै लेकिन यदि आपको बीपी से संबंधित कोईपरमानेंट बीमारी है तो किडनीके लिए हमेशा के लिए डबलकाम हो जाता है, खून को साफ करनाभी और उसके प्रेशरको भी बनाए रखनातो आप इस बातका भी उचित ध्यानरखें कि यदि आपबीपी के मरीज़ हैंतो अपनी दवा समय पर लें औरअपने बी पी कोमेंटेन करें। ऐसा करने से किडनी परदबाव कम पड़ेगा औरकिडनी सुरक्षित रह पाएगी।

 इसप्रकार से अन्य बहुतसी बातें हैं जिनका अगर हम ध्यान रखेंतो हम अपनी किडनीको सुरक्षित एवं स्वस्थ रख सकते हैंजैसे शुगर को मेंटेन करना, खानेपीने का समय सेध्यान रखना, फिजिकल एक्टिविटी करते रहना जैसेव्यायाम, योग, जिम इत्यादि।

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