Asthma Treatment In Hindi || अस्थमा के लक्षण एवं अस्थमा के घरेलू उपाय क्या है।

Ayurvedic treatment for asthma in Hindi : आज का जमाना बहुत ही आधुनिकरण हो चुका है और जैसे जमाना आधुनिक तकनीकी यों की ओर बढ़ रहा है, वैसे वैसे ही प्रदूषण और नकारात्मक प्रभाव की वजह से मनुष्य जाति को आंतरिक एवं बाहरी समस्याएं जकड़ी जा रही है। आज के समय में प्रदूषण की वजह से सबसे ज्यादा मनुष्य को श्वसन संबंधी समस्याएं होती हैं और उनमें से अस्तमा भी श्वसन संबंधित एक गंभीर बीमारी है। अस्थमा की बीमारी होने पर मनुष्य की श्वसन नलिका सूज जाती है और इससे ग्रस्त रोगियों को सांस लेने में बहुत ही ज्यादा कठिनाइयां होने लगती हैं।

क्या है अस्थमा की बीमारी ? (What is asthma disease) || Asthma Treatment In Hindi

Information about asthma disease in Hindi : अस्थमा से पीड़ित रोगी को ज्यादातर फेफड़ों से संबंधित ही परेशानी होती है और इसके रोगियों को बहुत ही ज्यादा कठिनाई से सांस लेने में दिक्कत होती है। मनुष्य का वायु मार्ग संकुचित हो जाता है और दोनों फेफड़े आपस में सिकुड़ने लगते हैं, जिसकी वजह से ठीक तरीके से वायु का आवागमन नहीं हो पाता है। इसके रोगियों को खासी एवं सीने में जकड़न जैसी समस्या झेलनी पड़ती है। अस्थमा की बीमारी हर एक उम्र में हो सकती है और इस बीमारी से बच्चे भी पीड़ित होते हैं और सबसे ज्यादा तो यह बीमारी बुजुर्ग व्यक्तियों को परेशान करती है और यहां तक कि उन्हें जीवन से लड़ने में भी काफी ज्यादा परेशानियां करनी पड़ती है।

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अस्थमा के कारण क्या है ? (What is the cause of asthma disease in Hindi)

Asthma ki bimari ke Karan kya hai : अस्थमा अपना तब विकराल रूप धारण करता है,जब सांस की नलियों में सूजन होने के साथ-साथ उसकी मांसपेशियां भी सख्त हो जाती है।अस्थमा की बीमारी होने के कुछ प्रमुख कारण हो सकते हैं, जो इस प्रकार से निम्नलिखित हैं।

  • कभी-कभी अस्तमा अनुवांशिक रूप में पीढ़ी दर पीढ़ी अपना असर दिखाता रहता है और इसे अटोपी कहते हैं।
  • स्वसन तंत्र में किसी भी प्रकार का संक्रमण का होना भी अस्थमा की बीमारी के रूप में बदल सकता है।
  • अत्यधिक तनाव की वजह से।
  • अत्यधिक धुलों के कणों के संपर्क में आने से।
  • हवा में मौजूद अत्यधिक मात्रा में रसायनों की वजह से।
  • धूम्रपान करने एवं मौसम में बदलाव होने की वजह से भी अस्थमा अपना विकराल रूप धारण करता है और इसके रोगियों को परेशान करता है।

दमा के लक्षण ( symptoms of asthma disease in Hindi )

यदि आप अस्थमा बीमारी का इलाज करना चाहते हैं, तो सबसे पहले इसके लक्ष्मण को जानना जरूरी है और तभी ayurvedic treatment of asthma in Hindi किया जा सकता है।आइए जानते हैं, अस्थमा के कुछ प्रमुख लक्षण जो इस प्रकार से निम्नलिखित हैं।

  • बार बार खांसी आना।
  • सांस लेने और छोड़ने में दिक्कत महसूस होना।
  • सांस लेते समय घबराहट का महसूस होना।
  • चेहरों और होठों का रंग नीला पड़ना।
  • पल्स का अति तीव्र होना।
  • चिंता का बढ़ना।
  • हमेशा पसीना आना।
  • छाती में दर्द और सख्त पन महसूस होना।

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अस्थमा के कुछ घरेलू उपाय ? (Home remedies for asthma in Hindi)

Asthma ke gharelu upay kya hai : अस्थमा के लक्षणों का पता करने के बाद हमें तुरंत इसका इलाज शुरू कर देना चाहिए, ताकि इसे हम समय रहते जड़ से खत्म कर सकें। आइए जानते हैं, अस्थमा के कुछ घरेलू उपाय जो इस प्रकार से निम्न है।

  • अदरक की हर्बल चाय :-

    अदरक के अंदर एंटी इन्फ्लेमेटरी गुण मौजूद होते हैं और इन्हीं की वजह से अस्थमा के रोगियों को इसके सेवन से थोड़ी राहत मिलती है। अदरक के सेवन के लिए आप इसे घिस सकते हैं और इसे चाय का रूप देते हुए बिना दूध मिलाएं इसे एक हर्बल चाय के रूप में पी सकते हैं। अदरक के सेवन से वायु मार्ग में उपस्थित सूजन धीरे-धीरे कम होते हैं और आप को सांस लेने में राहत होती है।
  • लहसुन का सेवन:-

    लहसुन अस्थमा के रोग को ठीक करने के लिए काफी लाभकारी और रामबाण इलाज माना जाता है। एक गिलास दूध में लहसुन की कम से कम पांच कलियां उबालें और फिर इस मिश्रण को आप रोज नियमित रूप से सेवन करें, तो आपको अस्थमा से हो सकता है जड़ से राहत मिल जाए।
  • अजवाइन का सेवन करें :- Asthma Treatment In Hindi

    आज हमारे देश में भी अस्थमा के अनेकों रोगी पाए जाते हैं और इनका सटीक इलाज ही इन्हें सही कर सकता है। हमें गरम उबले हुए पानी में थोड़े अजवाइन लेने हैं और फिर इन्हें साथ में हल्का उबालना है और फिर इसके वास्प को हमें सांसो के माध्यम से अंदर लेना है और फिर इस प्रक्रिया के माध्यम से अस्थमा का जड़ से इलाज किया जा सकता है।
  • करेले का सेवन:-

    यदि आप अस्थमा का इलाज जड़ से करना चाहते हैं, तो इसके लिए आप करेले के पेस्ट में एक चम्मच शहद और तुलसी के पत्ते का रस मिलाकर इसे खा सकते हैं और फिर इससे आपको आजीवन अस्थमा के रोग से छुटकारा मिल सकता है।
  • सरसों के तेल से करें मसाज :-

    अस्थमा से छुटकारा पाने के लिए आप छाती और रीड की हड्डी में सरसों के तेल में कपूर को मिलाकर इस पर मालिश करनी है और थोड़े समय बाद हमें स्टीमबाथ भी लेना है। इससे भी अस्थमा की परेशानी से हमें राहत मिल सकती है।
  • प्याज का करें सेवन:-

    अस्थमा की बीमारी को ठीक करने के लिए हमें कच्चे प्याज का सेवन करना चाहिए और हम आपको बता दें कि कच्चे प्याज में सल्फर मौजूद होता है, जो फेफड़ों की जलन और अन्य समस्याओं को ठीक करने के लिए काफी कारगर होता है। इसलिए आप कच्चे प्याज का भी सेवन अस्थमा की बीमारी को ठीक करने के लिए कर सकते हैं।

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यदि अस्थमा की बीमारी का लक्षण पता चलने पर हमें तुरंत ही इसका सही और घरेलू उपाय करनाएचाहिए, ताकि हम इस बीमारी से आजीवन के लिए मुक्ति पा सके।इस विषय पर आधारित आज का हमारा लेट है अगर आपको पसंद आया हो तो आप इसे अपने मित्र जन एवं परिजन के साथ अवश्य साझा करें, ताकि उन्हें भी इस रोग के बारे में सही उपचार के बारे में पता चल सके।

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