मनुष्य का मस्तिष्क किस प्रकार कार्य करता है

मनुष्य का मस्तिष्क किस प्रकार कार्य करता है:- हम सभी जानते हैं मस्तिष्क सभी के पास होता है जिससे हम सभी प्रकार की तंत्रिकाओं पर पूर्ण रूप से नियंत्रण रखते हैं। मस्तिष्क हमारे कार्यों को नियमित और नियंत्रणपूर्वक कार्य करता है।

मनुष्य का मस्तिष्क सिर में स्थित होता है और हमारे सिर की खोपड़ी द्वारा सुरक्षित होता है।

जय हमारी आंख, जीभ,नाक और कान से पूर्ण रूप से जुड़ा हुआ होता है।

रिसर्च द्वारा माना जाता है से के मस्तिष्क में लगभग एक अरब से भी अधिक तंत्रिका कोशिकाएं पाई जाती हैं। मनुष्य के शरीर में मछली सबसे महत्वपूर्ण अंग है।

हम अपने मस्तिष्क से ही हमारे सभी विभिन्न प्रकार के अंगों को कार्य करने का आदेश प्रदान करते हैं।

मस्तिष्क के मुख्य कार्य यह भी हैं जैसे: बुद्धि, तर्कशक्ति, ज्ञान, विचार, स्मरण, व्यक्तित्व और अन्य आदि।

इन सभी को पूर्ण रूप से नियंत्रण एवं नियमन करना ही मस्तिष्क का कार्य है।

जिस प्रकार एक छोटे बच्चे का मस्तिष्क धीरे धीरे बढ़ता रहता है उसका विकास होता रहता है और उसके शरीर का भी विकास होता रहता है।

तत्पश्चात उसका एक व्यक्तित्व भी तैयार होने लगता है।

मनुष्य के मस्तिष्क की संरचना

विज्ञान के अनुसार माना जाता है कि मनुष्य के ऊपरी बड़े भाग को प्रमस्तिष्क कहा जाता है जो कि हमारे कपाल में होता है और इन्हीं के पीछे की जगह में नीचे की ओर दो छोटे गोले दिखाई देते हैं जिन्हें अनुमस्तिष्क कहा जाता है और इसके आगे की तरफ वह भाग होता है जिसे मध्यमस्तिष्क कहा जाता है‌।

अनुमस्तिष्क तथा प्रेमस्तिष्क पूर्ण रूप से झिल्लियों से ढके हुए होते हैं इनको तनिकाएं के नाम से भी जाना जाता है।

इन तनिकाओ को तीन भागों में बांटा गया है। जैसे : जाली तानिका, दृढ़ तानिका और मृदु तानिका आदि।

यह तीनों मिलकर ही कार्य को पूर्ण करती हैं। इनमें बड़ी बड़ी शिराएं पाई जाती है जो रक्त का प्रवाह करने में सहायता प्रदान करती हैं।

आइए जाने प्रमस्तिष्क‌, अनुमस्तिष्क और मध्यमस्तिष्क किस प्रकार कार्य करते हैं।

मनुष्य का मस्तिष्क किस प्रकार कार्य करता है

प्रमस्तिष्क‌ : यह दोनों गोलों की अपेक्षा अन्य भागों से बड़ा होता है जो कि इसकी बहुत बड़ी विशेषता है।

मनुष्य के मस्तिष्क में यह दोनों गोलें कपाल में दाहिनी तथा बाएं और पाए जाते हैं।

यह ललाट से शुरू होकर कपाल के अंतिम चरण तक होते हैं और बचे हुए भाग इनसे छुपे हुए होते हैं जोकि गोलो की गहराई के बीच में पाए जाते हैं। यह सभी जुड़कर एक जगह एकत्रित हो जाते हैं यह एक फीते की भांति दिखाई देते हैं।   

अनुमस्तिष्क : मनुष्य के मस्तिष्क में अनुमस्तिष्क पीछे के स्थान में नीचे की ओर पाया जाता है ठीक उसी के सामने मध्यमस्तिष्क भी स्थापित होता है जो तीन खंभों के कारण ही मस्तिष्क से पूर्ण रूप से जुड़ा हुआ होता है।

इसमें भी दो गोले होते हैं जिनको अगर काटा जाए तो मध्य में से सफेद रंग के पेड़ पेड़ की शाखाओं की तरह दिखाई देने लगती है। अनुमस्तिष्क का संबंध पूर्ण रूप से पेशियों तथा संधियों से होता है।

सभी अन्य अंगों के आदेश इसके पास आते हैं तथा यह उन्हें पूर्ण रूप से कार्यकृत करती है। इसी से आगे की सभी क्रिया पूर्ण रूप से कार्यकृत होती रहती है। मनुष्य को शरीर को सही रूप से कार्य कराना ही इसका कार्य होता है‌।

मध्यमस्तिष्क : मध्यमस्तिष्क, अनुमस्तिष्क के सामने के ऊपर के भाग में स्थित होता है। प्रमस्तिष्क तथा अनुमस्तिष्क का पूर्णत संबंध मध्य मस्तिष्क से ही जुड़ा हुआ होता है। मध्यमस्तिष्क का मुख्य कार्य दोनों के आदेश का आदान प्रदान करना है। इसके ऊपर के दो बार समकोण में बंटे हुए हैं।

मनुष्य के दिमाग के बारे में कुछ जरूरी बातें

  • मनुष्य के दिमाग में लाखों से भी ज्यादा रक्त को प्रवाह करने वाली वाहिकाएं पाई जाती हैं।
  • मनुष्य का दिमाग उसके शरीर से 17% ऊर्जा का प्रयोग करके और 20% ऑक्सीजन का प्रयोग करके, मनुष्य का दिमाग 10% से 23% तक पावर उत्पन्न करता है इस ऊर्जा में इतनी ऊर्जा होती है एक बल्ब को आसानी से जला सकती है।
  • हमारे दिमाग की क्षमता बहुत अत्यधिक होती है। इसकी सहायता से हम किसी भी कार्य को सरल एवं सुलभ तरीके से कर सकते हैं।
  • आप जानते हैं हमारे दिमाग में 2 हिस्से होते हैं एक दाएं ओर का दिमाग एक बाईं ओर का दिमाग।
  • इन दोनों तरफ में यह अंतर होता है हमारे दिमाग का बायां हिस्सा हमें सभी कार्य को प्रैक्टिकल रूप में करने के लिए प्रेरित करता है और हमारे दिमाग का दायां हिस्सा हमें सभी कार्य को संरचनापूर्वक तथा रचनात्मकता के रूप में कराता है।
  • यह जानकर आपको आश्चर्य होगा कि किसी कारणवश हमारे दिमाग का 1/ 4 भाग नष्ट हो जाए उसके पश्चात भी मनुष्य पूर्ण रूप से जिंदा रह सकता है। सभी कार्य को पूर्णतः कर सकता है।
  • मनुष्य का दिमाग सोते हुए भी सबसे ज्यादा कार्य करता है जिस समय मनुष्य सोता है उस समय वह सपनों की दुनिया में चला जाता है जिससे मनुष्य का दिमाग उस समय भी सक्रिय रहता है। रीसच्र में पाया गया है कि मनुष्य सोते समय जब सपने देखता है तब है अपने आप को किसी भी बड़े अटैक से बचाता है।
  • यह पाया गया है जो व्यक्ति अत्यधिक होशियार होते हैं जिनका आईक्यू लेवल भी अत्यधिक मात्रा में होता है वह व्यक्ति अत्यधिक मात्रा में सपना की दुनिया में रहते हैं। अतः वह सपनों की वजह से भी सुरक्षित रहते हैं।
  • आपको यह जानकारी भी आश्चर्य होगा मनुष्य में 2 प्रजाति होती हैं एक पुरुष(नर) और दूसरा औरत(मादा)।
  • एक रिसर्च में है पाया गया है कि पुरुष का दिमाग औरत के दिमाग से 10% बड़ा होता है।
  • औरतों के दिमाग में खून का प्रवाह करने वाली कोशिकाएं बहुत अधिक मात्रा में पाई जाती हैं जिसके कारण वह सभी कार्य को पूर्ण रूप से सरल एवं सुलभ कर पाती हैं और दूसरी और पुरुषों के दिमाग में यह पाया गया है कि उनका दिमाग लॉजिकल कार्य को तीव्र गति से सरलता से कर पता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *